आज घूमते घूमते एक गजल बोलों के सजाल पर जा पहुँचा। काफी सुंदर गजलों का संग्रह था। संग्रह-कर्ता के बारे में जानने का प्रयास किया तो पता चला वह जया झा हैं जिन्होंने कुछ समय पहले ब्लॉगिंग पर छोटा सा शोध किया था और परिणाम भी घोषित हो चुके हैं। थोड़ा और घूमने पर उनका हिन्दी कविताओं का संग्रह भी पता चला। वहाँ पर दिनकर जी कविता चाँद और कवि पढ़ी। क्या कविता है। दिनकर जी कलम में जादू है। कविता में चांद आदमी का मजाक उड़ा रहा है कि आदमी क्यूँ इतना प्रयत्न करता है मैंने सबको समय के साथ साथ जाते देखा है। इस पर जवाब

आगे पढ़े

पिछले कुछ सालों में मुझे सहित सभी दोस्तों की या तो शादियां हो गई या फिर मँगनियाँ | कुछ वीर बालक बचे हैं लेकिन वे भी जल्दी ही करने की फिराक में हैं | हम सभी की उम्र २६ से ३० के बीच में ही है | जिन दोस्तों की अभी शादी नहीं हूई है अगर उन से बात करो तो पता चलता है कि लगभग सभी के घरों से दबाव है कि बेटा आप की उम्र निकली जा रही है | लड़कियों के लिए तो यह एक और भी बड़ा प्रश्न है | यह सब देखते हुए मेरे मन में ख्याल आया कि क्या अमरीकी भाई भी कभी इस प्रकार के दबाव से जूझते है |

आगे पढ़े

वैसे तो अनुनाद जी आयोजित अनुगूँज १२ का प्रसाद बंट चुका है पर अपुन भी अपनी खिचड़ी पका के ही मानेगें। आज मन में जो विचार आए पेल दिए। तो लीजिए हाजिर हैं दस विचार १. अवगुण नाव के पेंदे में हुए छेद के समान है जो अंततः नाव की तरह आदमी को डुबो ही देता है। २. न विषादे मनःकार्यम् विषादो दोष वतरः, विषोदो हन्ति पुरुषम् बालं क्रुद्ध इवोरगः – मन को विषाद ग्रस्त नहीं करना चाहिए (मतलब कि भाई टेंशन मत ले यार), विषाद में बहुत दोष होते हैं। विषाद से आदमी का नाश हो जाता जैसे कि क्या क्रुद्ध सांप बच्चे को नहीं काटता।

आगे पढ़े

कुछ समय पहले स्वामी जी ने बुल्ला की जाणा मैं कौन गाने से परिचित कराया था। गाने के बोल सूफी कवि बुल्ला शाह ने लिखे थे और आप सुनते हुए महसूस कर सकते हैं कि बुल्ला शाह आत्म परिचिय के लिए कितने आतुर हैं व कैसे कैसे सवाल मन में उठते हैं ना मैं अन्दर वेद किताबां, ना विच भन्गां न शराबां ना विच रिन्दां मस्त खराबां ना विच जागां ना विच सौण

आगे पढ़े

Author's picture

पंकज नरूला

A Product Guy working in Cloud in particular SAP HANA Cloud Platform playing with Cloud Foundry + Subscription and Usage billing models

Product Management

San Francisco Bayarea