आज घूमते घूमते बड़े ही काम के सजाल के बारे में पता चला। नाम है नेशन-मास्टर। यहाँ आप अलग अलग देशों के अलग अलग आंकड़ों के बारे जान सकते हो। निश्चित है कि मेरा पहला निशाना क्या होगा। तो लीजिए जनाब जरा नीचे की छवि पर निगाह डालिए व देखिए कि हम कहाँ कहाँ शाईन कर रहे हैं

 

यानि कि हमारे यहाँ सबसे ज्यादा पुलिस हैं भई जनसंख्या दूसरे नम्बर की है तो ज्यादा मामू लोग भी चहिए होंगे न। समझते नहीं हैं। अब ज्यादा पुलिस वाले हैं तो पकड़े भी ज्यादा लोग जाएगें पर ये क्या पकड़े जाने के बाद छूटने वाले लोगों की भी संख्या सबसे ज्यादा है। अब यहाँ पर मेरा पहले वाला तर्क नहीं चलता कि लोग ज्यादा पुलिस ज्यादा इसी लिए छूटने वाले भी ज्यादा क्यूंकि अपने यहाँ इतने लोग पकड़े जाने के बाद अदालतों द्वारा छोड़े जाते हैं कि यदि अगले 48 देशों में छोड़े जाने वाले लोगों के नम्बरों को जोड़े तो भी हम लोग भारी पड़ते हैं। इसका क्या मतलब है

  1. अपने यहाँ कि पुलिस निक्कमी है गलत आदमी पकड़ती है
  2. हमारी अदलातें बड़ी रहम दिल हैं पुलिस वाले तो सही लोग पकड़ते हैं पर अदालतों को उन पर रहम आ जाता है
  3. पकड़े जाने वालों के वकील बड़े काबिल हैं उनके तर्कों के आगे पुलिस की दलीले व गवाह फेल हो जाते हैं
  4. जेलों में जगह नहीं व जेलों की संख्या कम है ऊपर से ऑडर हैं कि ज्यादा लोग न भेजें :D

मुझे तो पता नहीं। पर घबराने की बात नहीं चाहे हमारे यहाँ मर्डर दुनिया में सबसे ज्यादा होते हैं (तीन गुनी जनसंख्या को देखते हुए यह नम्बर अमरीका के बराबर ही है) पर फिल्में भी तो हमीं लोग सबसे ज्यादा बनाते हैं भई कल्चर है। अखबार भी हमारे सबसे ज्यादा और पंगा नहीं लेना आर्मी वाले भी अपने सबसे ज्यादा हैं। आखिर में एक भंयकर बात अमरीका में 0.7 प्रतिशत जनसंख्या जेलों के अंदर है यानि 1000 में से 7 लोग अंदर हैं।

जाते जाते यदि आप ने मेरा पाप-पोल नहीं भरा तो एक बार यहाँ जाकर जरुर अपना कीमती वोट डालें - सिर्फ दो क्लिक का सवाल है। वोटिंग 27 वोटों पर जाकर रुक गई है। अरे यार पचास तो करो। वोटिंग एक अगस्त को बंद हो जाएगी।