मानसी जी की एक प्रविष्टि पढ़ी मेरा बच्चा जानता है, पर अंक बुरे लाता है…

जब मैं स्कूल में थी, मुझे हमेशा परीक्षा के अंकों से ही मापा गया। कभी किसी ने ये नहीं सोचा कि शायद मुझे लिखना अच्छा नहीं लगता हो। मुझे मालूम तो है इस प्रश्न का उत्तर मगर अगर कोई मुझसे इसे ज़ुबानी पूछ ले, तो मैं बेहतर बता पाऊंगी। मैंने कक्षा में इस विषय पर हमेशा बहुत अच्छा काम किया होगा, पर परीक्षा मेरे बस का नहीं…कोई क्यों नहीं समझ पाता इस बात को?

कुछ इन्हीं बातों पर प्रकाश डालता एक विडियो है श्री केन रोबिनसन का। विडियो देखने के बाद मैं उनके बोलने की शैली, व चिकाई का फैन हो गया। वे भी एक बच्ची का उदाहरण देते हैं। यदि आप के पास 20 मिनट हैं तो यह विडियो जरूर देखें

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