अम्बाला, चंडीगढ़ से माँ, भाई, बहनों, भांजों, भाभियों के फोन आ रहे हैं कि पंकज जन्मदिन की मुबारक हो। पर अपना दुःख तो कोई समझ ही नहीं रहा। भाई अब ऑफिशियली नवयुवकों की जमात से निकाल दिया गया हूँ व शायद जिम्मेवार माना जाने लगूँगा। गमगीन बैठा था कि भ्रमण करते नारद जी मिल गए उनसे इसी विषय  पर हुई वार्ता

मिर्ची सेठ: भाई आज मैं परेशान हूँ
नारद: क्या हुआ भई
मिर्ची सेठ: कल २० तारीख है
नारद: तो?
मेरी सैलरी आ जाएगी
मिर्ची सेठ: मैं ३० का होने जा रहा हूँ
नारद: २० को
ओह
मिर्ची सेठ: बीवी मजे ले रही है
नारद: बड़ा बुरा लगा सुनकर
मिर्ची सेठ: it is all downhill from here
नारद: यार पार्टी दो, तो सही लगे
यार तुम चीनी तो नही हो?
मिर्ची सेठ: कल लगता है दारु से ही गम गलत करना; पढ़ेगा चीनी ???
नारद: चीनी लोग, गमगीन होते है अपने जन्मदिन पर बोलते है, एक साल और कम हो गया
मिर्ची सेठ: हा हा नहीं यार 20 से 30 में आना लगता तो है
नारद: कोई नही यार
मिर्ची सेठ: अब साले जब ही इंटरनेट पर फार्म भरेंगे
वहाँ उमर में 31-40 भरना पड़ेगा
नारद: हाँ वो तो है
एज डिफाइंग क्रीम भिजवा दूं क्या, गिफ़्ट में
मिर्ची सेठ: नहीं बाऊजी, शक्ल से तो नहीं लगते
नारद: फिर ठीक है
मिर्ची सेठ: बाल थोड़े सफेद जरुर है पर वो काले कर लेते हैं
नारद: कोई पूछे तो उमर सही सही नही बताना
बोलना जब, अकाल पड़ा था, तब पैदा हुआ था
मिर्ची सेठ: यह सही है
नारद: किसी को पता ही नही चलेगा
मिर्ची सेठ: चलो जी मैं कटता हूँ,
नारद: मेरी तरफ़ से बहुत बहुत शुभकामनाएं
मिर्ची सेठ: भाई लोग आते होंगे,
नारद: जुग जुग जिओ चलो फिर बाय मिलते हैं
मिर्ची सेठ: थैंक्यूं है जी…
नारद: रख लिया है जी