हाँ भाई पर लिखे काफी समय हो गया है। बस पिछले कुछ हफ्ते ऐसे गुजरे की जैसे रोलर कोस्टर का झूला हो। पहले कुछ हफ्ते प्रोजेक्ट की वजह से सप्ताह में लगभग पूरा दिन काम पर होते हुए भी सप्ताहंत पर ऑनकॉल रहना पड़ता था। बुरा हो इस टेक्नॉलजी का। गले में सेलफोन और बलैकबैरी न हुई पट्टा हो गया। फिर एक दोस्त के साथ पाप की नगरी लॉसवेगास व सैन डिएगो जाना हो गया। ट्रिप तो मजेदार था। रुले पर भी हाथ साफ हो गया कुछ खास नुकसान भी नहीं हुआ। पर बहुत ही थकान भरा था। वापिस आकर पिछले हफ्ते एक मित्रगण फलोरिडा से यहाँ आ गए है तो उनका सामान इधर उधर रखनें में फिर पंकज भाई मस्ताना की लग गई।

पर आखिर कार यह सप्ताहंत बढ़िया गया। कल शनिवार को पूरे एक बजे उठे। स्टार वार्स १स्टार वार्स २ देखी। अब [हाँ भाई पर लिखे काफी समय हो गया है। बस पिछले कुछ हफ्ते ऐसे गुजरे की जैसे रोलर कोस्टर का झूला हो। पहले कुछ हफ्ते प्रोजेक्ट की वजह से सप्ताह में लगभग पूरा दिन काम पर होते हुए भी सप्ताहंत पर ऑनकॉल रहना पड़ता था। बुरा हो इस टेक्नॉलजी का। गले में सेलफोन और बलैकबैरी न हुई पट्टा हो गया। फिर एक दोस्त के साथ पाप की नगरी लॉसवेगास व सैन डिएगो जाना हो गया। ट्रिप तो मजेदार था। रुले पर भी हाथ साफ हो गया कुछ खास नुकसान भी नहीं हुआ। पर बहुत ही थकान भरा था। वापिस आकर पिछले हफ्ते एक मित्रगण फलोरिडा से यहाँ आ गए है तो उनका सामान इधर उधर रखनें में फिर पंकज भाई मस्ताना की लग गई।

पर आखिर कार यह सप्ताहंत बढ़िया गया। कल शनिवार को पूरे एक बजे उठे। स्टार वार्स १स्टार वार्स २ देखी। अब](http://imdb.com/title/tt0121766/) का इंतजार है। आज सुबह भी दस बजे उठे और तीन मूली के परांठे खाने के बाद नेट पर बैठ कर यह लिख रहा हूँ। वाह वाह क्या बात है।

आशापूर्वक यह खरदिमाग प्रविष्टि लिखने के बाद मेरे दिमाग के सारे खिड़कियाँ दरवाजे खुल गए होंगे। आगे से सामान्य रफतार जारी। जाते जाते ग्रंथ साहिब से एक श्लोक

“तू मेरा राखा सबनी थाहीं

ताँ भयौ केड़ा अकाल जिओ”

अर्थात् हे भगवन जब तू ही मेरा रक्षक हर जगह है तो मुझे डर किसका। यह मैंने सुरेन्द्र मोहन पाठक के जासूसी नावलों की विमल श्रृखं्ला से पढ़ा है।