इतवार का दिन काफी बड़िया होता है | सुबह सुबह अखबार पढ़ते हुए चाय पीने का आनन्द ही कुछ और है | एक दो दिन में मैल् जिब्सन की “The Passion of The Chirst” सिनेमा घरों में आने वाली है | काफी धूम मची है यहाँ पर | और मचे भी क्यों ना? याद है कुछ साल पहले कैसे दूरदर्शन पर रामायण, महाभारत के समय सड़के विरान हो जाती थी| इसी बारें में सैन डिएगौ यूनियन ट्रिब्यून की एक खबर पढ़ी और काफी देर तक दिमाग में घूमती रही जरा आप भी पढ़िए :

“It’s probably one of the strongest evangelical tools to come out in the last 100 years,” said the Rev. Leo Giovinetti, senior pastor of Mission Valley Christian Fellowship, which has reserved theaters for sneak previews tomorrow and Tuesday. Outreach Inc., a Vista-based Christian marketing company, is offering door hangers, postcards and banners to help churches spread the word. Proclamations on its Web site dwarf Giovinetti’s prediction: “At Outreach, we believe that ‘The Passion of the Christ’ movie may well be the best outreach opportunity in 2,000 years.”

अब जरा इन शब्दों पर गौर किजिए “strongest evangelical tools”,”Christian marketing company”,”best outreach opportunity” | मुझे इस बात पर अचम्भा हुआ कि यहाँ पर धर्म की बात हो रही है या किसी कम्पनी के विस्तार के अबसर की |