किसी सिलसिले के तहत काफी सालों के बाद मुझे देस में शत प्रतिशत सरकारी बैंक से ड्राफ्ट बनवाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। बैंक में घुसते ही सभी को कम्पयुटर के आगे बैठा देख कर मन बड़ा हर्षित हुआ। यहां अपने इस ड्राफ्ट बनवाने के अनुभव में हुए स्टेप्स लिख रहा हूँ

  1. ड्राफ्ट का फार्म भरना

  2. भरे हुए फार्म पर स्करौल लगवाना। यहाँ रजिस्टर में एक प्रविष्टि की जाती है।

  3. स्करौल लगवा कर खजांची के पास पैसे जमा करवाना। यहाँ रजिस्टर व कम्पयुटर दोनों में प्रविष्टि की जाती है। और फार्म पर मोहर लगा कर ड्राफ्ट बाबू के पास भेज दी जाती है।

  4. ड्राफ्ट बाबू खजांची की मोहर देखते हैं और कम्पयूटर से खजांची द्वारा प्रविष्टित डैटा से ड्राफ्ट प्रिंट करते हैं। जहाँ पर राशि लिखी गई है वहाँ सैलो टेप लगाते हैं और फिर से रजिस्टर में प्रविष्टि करते हैं। ध्यान दीजिए यह तीसरी बार कागजी एन्टरी हो रही है।

  5. ड्राफ्ट बाबू प्रिंटिड ड्राफ्ट को अफसर एक के पास भेज देते हैं वह कम्पयुटर पर इसका मिलान करता हैं कि सब कुछ ठीक छपा है। सही करने के बाद वे इसे अफसर दो के पास भेज देते हैं।

  6. अफसर दो इस पर हस्ताक्षर करके अपने मेज पर रख देता है।

  7. ड्राफ्ट बाबू वहाँ से उठा कर आप को दे देते हैं और आप से प्राप्ति की रसीद पर हस्ताक्षर करवाते हैं।

मेरी किस्मत खराब थी की स्टैप 4 और 5 के बीच में ड्राफ्ट बाबू को एक ड्राफ्ट रद्द करना था और वे ऐसा कम्पयुटर पर पहली बार कर रहे थे जिस वजह से मुझे सामान्य से अधिक देर लग गई। पर फिर भी मुझे लगता है कि इसे काफी सुधारा जा सकता है जैसे कि बार बार कागज के रजिस्टर में एन्ट्री।