हाँ भाई के नए प्रारुप की घोषणा करते समय मैंने हैडर में दी गई छवि के बारे में पूछा था। जिसे पर की देबाशीष ने पारखी नजर का परिचय देते हुए सही जवाब दिया था कि “रे भाई, जे तो म्हारे को मंगल ग्रह के फोटू लागे हैं। रंग भी बड़ा जँचे है, मिर्ची सा चटक लाल।”

तो जनाब खासियत ये है कि यह फोटो मैंने अपने कैमरे से ही ली थी। पर मैं कैसे मंगल पर पहुँच गया। यहाँ पास में एक जगह है बलबौआ पार्क। यहाँ दुनिया जहान के संग्रहालय भरे पड़े हैं। एक का नाम है ऐरोस्पेस म्यूज़ियम। बस यहीं कुछ मंगल ग्रह की फोटो लगी हुई थी। कुछ ऐसे

कितने मंगल

आनन फानन में हमने एक पास से भी ले ली। हैडर वाली छवि इसी नीचे दी गई छवि का ही हिस्सा है जो कि देबाशीष की नजरों से न छुप सका :D

मंगल