कॉलेज के जमाने में होस्टल की मैस में शनिवार को नाश्ते में मूली के पराँठे मिलते थे। उस समय दोस्तों से मजाक में कई बार इस बात पर मनन होता था कि यदि हम बहुत सारे पराँठे खा लें और इसके बाद जो होता है थोड़े थोड़े अंतराल पर होने की बजाए अगर एक […]
पिछली अगस्त में टाटा वालों ने अपनी दूकान का सामान बढ़ाने के लिए यही कुछ 677 मिलियन डालर (2700 करोड़ रुपए से भी ज्यादा) में यहाँ अमरीका की ग्लेस्यू एक रसीला (विटामिन वाला) पानी बनाने वाली कम्पनी का करीब एक तिहाई हिस्सा खरीद लिया था। टाटा वालों का मानना था कि इस से एक तो दूकान का सामान बढ़ेगा […]
ऊपर वाली छवि है टाईम्स ऑफ इंडिया के पुराने सजाल की। यह पन्ना प्रथम पृष्ठ होता था, टाईम्स ऑफ इंडिया को पढ़ने छोड़ने के कारणों में से बहुत बड़ा कारण इनका यह थीम भी था। जब भी इसे देखता रक्तचाप बढ़ जाता, दिल धौकनी की तरह भागता। यदि आप अभी भी यह देखना चाहते हैं तो इस कड़ी पर क्लिकावें।
खैर आज कल नव-सृजन की बातें होती हैं। टी ओ आई की […]