श्रीश जी के पिंग ने चिट्ठाजगत की दुनिया में फैली महामारी से परिचित कराया। पता लगा कि दिग्गज लोग नए नए तरीके से मल्टी लेवल मारक्टिंग की तरह अपने मित्रों को इस महामारी की चपेट में ला रहे हैं। मजे की बात है कि पहली बार मल्टी लेवल मार्कटिंग पसंद आ रही है। कत्ल होने […]
क्यूँकि फॉयरफॉक्स के गुणों के बारे में श्रृंख्ला लिख चुका हूँ इस लिए बनता है कि इसके बारे में फिर से लिखूँ। यदि उपरी तौर से देखा जाए तो आप कह सकते हैं कि केवल टैब्ड-ब्राउजिंग के लिए इतना हल्ला मचाना कहाँ तक लाजमी है। पर बात सिर्फ इतनी ही नहीं। इसका मुक्त-सोर्स व प्लगइन […]
चिट्ठों की लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण है उनका अनौपचारिकता का लेखन। लिखते हुए भाई लोगों को इस बात की चिन्ता नहीं रहती कि सुन्दर लिख रहा हूँ कि नहीं। कहीं कुछ नियमों के बाहिर तो नहीं लिख दिया। कहीं संपादक की कैंची ज्यादा तो नहीं चल जाएगी मेरे लेख पर। लेख छपेगा भी […]