मेरे दोस्त गुरु का तीन बजे फोन आया कि गुरु देखने चलना है क्या? हम लोग काफी दिन से इसके विज्ञापन देख रहे थे व देखने का मन बना चुके थे कि भाई इसके लिए दस डॉलर खरचने ही हैं। बिना समीक्षाएं पढ़े देखने गए गुरु को। यहाँ बे-एरिया के ट्रैफिक के वजह से १५ […]

सभी की तरह वसुधा व मैं फिल्मों के बहुत शौकीन हैं। ऐसा कम ही होता है कि हम लोग किसी फिल्म की समीक्षा के बिना देखने पहुंच जाते हैं। शाम को छःह बजे प्रोग्राम बना कि मंगल पांडे देखने चलते हैं। नाज पर देखा तो पता चला कि 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, […]

हर बार कि तरह इस बार भी सारी दुनिया के लिखने के बाद अपनी ढपली बजा रहा हूँ। फिल्म तो दो हफ्ते पहले देख ली थी, समीक्षा लिखने अब बैठ रहा हूँ। स्वदेस से बहुत लोगों को बहुत तरह की उम्मीदें थी। सबसे ज्यादा कि देखें लगान का निर्देशक क्या नया करके दिखाता है। नया […]

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