वैसे तो अनुनाद जी आयोजित अनुगूँज १२ का प्रसाद बंट चुका है पर अपुन भी अपनी खिचड़ी पका के ही मानेगें। आज मन में जो विचार आए पेल दिए। तो लीजिए हाजिर हैं दस विचार

१. अवगुण नाव के पेंदे में हुए छेद के समान है जो अंततः नाव की तरह आदमी को डुबो ही देता […]

मैं कौन हूँ

कुछ समय पहले स्वामी जी ने बुल्ला की जाणा मैं कौन गाने से परिचित कराया था। गाने के बोल सूफी कवि बुल्ला शाह ने लिखे थे और आप सुनते हुए महसूस कर सकते हैं कि बुल्ला शाह आत्म परिचिय के लिए कितने आतुर हैं व कैसे कैसे सवाल मन में उठते हैं
ना मैं अन्दर वेद […]

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