लोजी अब पक्का हो गया। टीवी से भारत की ग्रामीण महिलाओं का बहुत विकास हो रहा है। अब यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो की एमिली ऑस्टर तो यही कहती हैं। उन्होंने एक रिसर्च पेपर प्रकाशित किया है जिसका नतीजा यही है कि – भारत में गाँवों में केबल टीवी लगने के बाद

  • चाल-चलन व रवैये में काफी फर्क आया है
  • औरते इस बात पर कम सहमत होती हैं कि औरतों के प्रति घरेलू झगड़े की मारपीट सही हैं
  • वे अपनी अधिक स्वतंत्रता की बात करती हैं जैसे कि कहीं जाने से पहले किसी से पूछ कर जाना
  • पहले बच्चा लड़का ही हो इस बात पर कम झुकाव दर्शाती हैं
  • लड़कियों के स्कूलों में दाखिले में वृद्धि
  • बच्चों की पैदाइश दर में कमी

आप पूरा पेपर यहाँ से पढ़ सकते हैं। आप इस से कितने सहमत / असहमत हैं कमेंट द्वारा जरूर बतावें।

ग्रामीण महिलाओं के ऊपर तो एमिली जी ने पेपर लिख दिया पर शहरी महिलाओं की जिंदगी के ऊपर फर्क पर भी बात होनी चाहिए। अभी तो घरों में रोटी सीरियलों के टाइम के हिसाब से पकती है। दूसरी तीसरी के बच्चे पूछते हैं कि पापा पापा आप मम्मी को कब डाईवोर्स दोगे इत्यादि। 

साभार – मारजिनल रेवोलुशन