आज मीडिया युग में सृजन शिल्पी जी का पत्रकारों के लिए संदेश पढ़ा -पत्रकारों, आओ अब गांवों की ओर लौटें ! पर अभी तक गांव उपेक्षित हैं के बारे में वे लिखते हैं
कैरियर की दृष्टि से कोई सुप्रशिक्षित पत्रकार ग्रामीण पत्रकारिता को अपनी विशेषज्ञता का क्षेत्र बनाने के लिए ग्रामीण इलाक़ों में लंबे समय तक कार्य करने […]

मुन्ने की माँ राज मां बनाती है, रत्ना की रसोई तो नित नए पकवान बनाती है पर अपने राम तो चाय ही बनाते हैं।  अक्षरग्राम की शुरुआत में जब यहाँ कैलीफोरनिया में रात काली की जा रही होती थी तो जीतू भाई के कुवैत में दिन होता था व उस समय वह जीमेल चैट द्वारा अपनी […]

कंस्लटिंग के चलते बहुत सी कम्पनियों में काम करने को मिलता है। बहुत से लोगों का काम करने के वातावरण को देखने, उसमें घुलने मिलने को भी मिलता है। इसे ग्लोबलाईजेशन की दुर्घटना कहें या कुछ और लगभग सभी कम्पनियों में कम्पयूटर स्टाफ में अपने देसी भाई यानि भारतीय भी खूब मिलते हैं। भारतीय होने […]

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