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	<title>Comments on: एक बात अमरीका से</title>
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	<description>मिर्ची सी जिंदगी, कभी मंदी कभी तेज</description>
	<pubDate>Thu, 22 May 2008 20:02:12 +0000</pubDate>
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		<title>By: अनुराग मिश्र</title>
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		<author>अनुराग मिश्र</author>
		<pubDate>Wed, 28 Feb 2007 07:49:20 +0000</pubDate>
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		<description>सृजन शिल्पी जी “भागीदारी” के बारे में विस्तार से बताएं।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>सृजन शिल्पी जी “भागीदारी” के बारे में विस्तार से बताएं।</p>
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		<title>By: नीरज दीवान</title>
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		<author>नीरज दीवान</author>
		<pubDate>Wed, 13 Sep 2006 18:10:10 +0000</pubDate>
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		<description>रोज़ी-रोटी का संघर्ष ही इतना व्यथित कर देता है कि सलीके से जीवन जीने की कला ही नहीं सीख पाते. इधर, भारत में संपन्न समाज इस तरह की जागरुकता दिखाता है. मेरी कॉलोनी में कुछ नियम बना रखे हैं. सो पालन करना ही पड़ता है. 
दूसरा पक्ष भारत के आदिम समाज का भी है जो अपने जंगल-ज़मीन की लड़ाई कुछ इसी तर्ज पर लड़ता है किंतु उनकी ओर ध्यान देने वाला कोई नहीं. 
आपने जो जानकारी दी उसके लिए धन्यवाद (ख़ासकर वो अंग्रेज़ों पर टीप वाली) ;)</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>रोज़ी-रोटी का संघर्ष ही इतना व्यथित कर देता है कि सलीके से जीवन जीने की कला ही नहीं सीख पाते. इधर, भारत में संपन्न समाज इस तरह की जागरुकता दिखाता है. मेरी कॉलोनी में कुछ नियम बना रखे हैं. सो पालन करना ही पड़ता है.<br />
दूसरा पक्ष भारत के आदिम समाज का भी है जो अपने जंगल-ज़मीन की लड़ाई कुछ इसी तर्ज पर लड़ता है किंतु उनकी ओर ध्यान देने वाला कोई नहीं.<br />
आपने जो जानकारी दी उसके लिए धन्यवाद (ख़ासकर वो अंग्रेज़ों पर टीप वाली) <img src='http://ms.pnarula.com/blog/wp-includes/images/smilies/icon_wink.gif' alt=';)' class='wp-smiley' /></p>
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		<title>By: राकेश खंडेलवाल</title>
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		<author>राकेश खंडेलवाल</author>
		<pubDate>Fri, 08 Sep 2006 13:11:15 +0000</pubDate>
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		<description>एकदम सही बात कही है आपने. अगर अपने क्षेत्र के प्रति जागरुकता स्वयं मेम न हो तो व्यर्थ दोषारोपण का क्या लाभ. हमारे क्षेत्र में ( Washington DC Metro )पिछले ३० वर्षों की जद्दोजहद और बदलते हुए designs  के बाद ही इस वर्ष  Inter County Connector  बनाने का प्रस्ताव पारित हो पाया. अपने क्षेत्र को अपना परिवेश मान कर उसका ध्यान रखना आवश्यक है</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>एकदम सही बात कही है आपने. अगर अपने क्षेत्र के प्रति जागरुकता स्वयं मेम न हो तो व्यर्थ दोषारोपण का क्या लाभ. हमारे क्षेत्र में ( Washington DC Metro )पिछले ३० वर्षों की जद्दोजहद और बदलते हुए designs  के बाद ही इस वर्ष  Inter County Connector  बनाने का प्रस्ताव पारित हो पाया. अपने क्षेत्र को अपना परिवेश मान कर उसका ध्यान रखना आवश्यक है</p>
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		<title>By: समीर लाल</title>
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		<author>समीर लाल</author>
		<pubDate>Fri, 08 Sep 2006 12:21:31 +0000</pubDate>
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		<description>बहुत सही बात कह रहे हैं. सहभागिता की आवश्यकता हर क्षेत्र मे है और भविष्य सुदृड़ बनाने का एक मात्र रास्ता.</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>बहुत सही बात कह रहे हैं. सहभागिता की आवश्यकता हर क्षेत्र मे है और भविष्य सुदृड़ बनाने का एक मात्र रास्ता.</p>
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		<title>By: हिंदी ब्लॉगर</title>
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		<author>हिंदी ब्लॉगर</author>
		<pubDate>Fri, 08 Sep 2006 12:09:20 +0000</pubDate>
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		<description>आबादी के एक छोटे हिस्से आर्थिक रूप से फलने-फूलने के साथ ही 'निम्बीइज़्म' भारत में भी पाँव पसार रहा है. इस 'निम्बी वर्ग' में पैसे के बल पर सम्मानित बनने की कोशिश करने वाले लोगों के अलावा सचमुच के सम्मानित लोग भी शामिल हैं. याद करें, महान गायिका लता मंगेश्कर ने कैसे अपने घर के पास प्रस्तावित फ़्लाइओवर निर्माण की योजना में अड़ंगा लगाने की कोशिशें की थीं.</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>आबादी के एक छोटे हिस्से आर्थिक रूप से फलने-फूलने के साथ ही &#8216;निम्बीइज़्म&#8217; भारत में भी पाँव पसार रहा है. इस &#8216;निम्बी वर्ग&#8217; में पैसे के बल पर सम्मानित बनने की कोशिश करने वाले लोगों के अलावा सचमुच के सम्मानित लोग भी शामिल हैं. याद करें, महान गायिका लता मंगेश्कर ने कैसे अपने घर के पास प्रस्तावित फ़्लाइओवर निर्माण की योजना में अड़ंगा लगाने की कोशिशें की थीं.</p>
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		<title>By: सृजन शिल्पी</title>
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		<author>सृजन शिल्पी</author>
		<pubDate>Fri, 08 Sep 2006 12:08:48 +0000</pubDate>
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		<description>यहाँ दिल्ली में भी शीला दीक्षित "भागीदारी" नामक ऐसी ही परियोजना के माध्यम से सरकार और जनता के बीच सहयोग की शुरुआत की गई है, जिसमें दिल्ली सरकार और रेजिडेंट्स वेलफेयर सोसायटियों की भागीदारी से जन समस्याओं का समाधान निकालने का प्रयास किया जाता है और कई सारे फैसले भी लिए जाते हैं।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>यहाँ दिल्ली में भी शीला दीक्षित &#8220;भागीदारी&#8221; नामक ऐसी ही परियोजना के माध्यम से सरकार और जनता के बीच सहयोग की शुरुआत की गई है, जिसमें दिल्ली सरकार और रेजिडेंट्स वेलफेयर सोसायटियों की भागीदारी से जन समस्याओं का समाधान निकालने का प्रयास किया जाता है और कई सारे फैसले भी लिए जाते हैं।</p>
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