कितना मजा आता न कोई आपसे कहता कि भाई अपना पैसा मुझे दो मैं आप को दूगना करके वापिस कर दूँगा। वैसे ऐसा कहने वाले तो बहुत मिल जाऐंगे पर आप जानते हैं न आपके पैसा का क्या होगा। थोड़े साल पहले तक भारतीय सरकार सच में कुछ ऐसा ही करती थी। इंदिरा विकास पत्र, किसान विकास पत्र पाँच पाँच साल में पैसा दूगना कर के दे देते थे। आज कल तो 8-9 साल लग जाते हैं ऐसे पैसा दूगने करने में।
इन सारी बातों में बहतर कहाँ से आ गया। दरअसल ७२ की संख्या आप की मदद कर सकती है कि यदि आप को ब्याज की दर पता हो तो कितने समय में पैसा दुगना हो जाएगा। फर्ज कीजिए आप बैंक में पैसा जमा कराते हैं व वहाँ 10% की ब्याज दर चल रही है बस 72/10 = 7.2 यानि आप का पैसा इस बैंक में सात से थोड़ा ज्यादा अवधि में दूगना हो जाएगा। इसी तरह 5 प्रतिशत पर करीब 14.5 वर्ष लगेंगे। है न आसान
अब जल्दी से बताओ पाँच साल वाले किसान विकास पत्र की ब्याज दर क्या थी…
5 Responses
Pankaj Bengani
मई 14th, 2006 at 7:58 pm
1सचमुच!! क्या बात है.
pankaj
मई 14th, 2006 at 10:27 pm
2पंकज भाई
यह नियम 20% तक ही काम करता है उसके बाद त्रुटियाँ आने लगती हैं। खैर 20% ब्याज का मतलब देश में अराजकता फैली हुई है इस लिए वह दिन न देखना पड़े तो अच्छा।
सागर चन्द नाहर
मई 14th, 2006 at 10:39 pm
3आपके फ़ार्मूले के हिसाब से तो यह दर 14.4% बैठती है,
72/14.4%= 5 वर्ष, अगर गलत हो तो बतायें।
अगर कुल जमा राशि पर सामान्य ब्याज जोड़ा जाये तो वही दर 20% होती है जैसे 5000 x 20% = 1000 x 5 वर्ष= 5000 5000 = 10000 यानि 5 वर्ष में दुगुने हो रहे हैं।
pankaj
मई 14th, 2006 at 10:47 pm
4सागर जी,
आप का हिसाब सही है। मैं चक्रवृद्धि ब्याज की बात कर रहा था। यह फारमूला एक दम सही रिजल्ट नहीं देता बल्कि आस पास का रिजल्ट देता है। सही के लिए यह सारणी देखें
anunad
मई 15th, 2006 at 4:25 am
5मान गये, आपके अनुसंधान को | चक्रवृद्धि व्याज को कितना सरल बना दिया |
पर शीर्षक पढकर मुझे थोडी असुविधा हुई | मेरे खयाल से “बहतर” के बजाय “बहत्तर” ठीक रहेगा |
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