मिर्ची सेठ के छद्म नाम को मैं काफी समय से प्रयोग कर रहा हूँ। आज बैठ कर हाँ भाई को मिर्ची सेठ बना ही दिया। कुछ नया करने की भी कोशिश की है। चिट्ठों के एक ही जैसे स्वरूप से मैं ऊब चुका था। इसलिए यह अभिकल्प लगाया है। इंटरनेट एक्सप्लोरर पर कुछ कमियां बाकी है। समय के साथ साथ निकालने का प्रयास करुंगा।
नई बातें कुछ इस प्रकार है -
http://ms.pnarula.com/200/11/10/मिर्ची-सेठ-नई-शुरूआत
की बजाए
http://ms.pnarula.com/200511/मिर्ची-सेठ-नई-शुरूआत
की तरह होंगी
9 Responses
Debashish
नवम्बर 11th, 2005 at 12:25 am
1Bhishon bhalo
Jitu
नवम्बर 11th, 2005 at 6:06 am
2पंकज भाई, आपको नये गृह प्रवेश की बहुत बहुत बधाई।
चिट्ठा बहुत अच्छा लग रहा है।
लगे रहो।
रमण कौल
नवम्बर 11th, 2005 at 7:44 am
3मुबारकाँ सेठ जी। आप का नया लोगो भी पसन्द आया। पर मिर्ची लाल और सोच हरी, फंडा क्या है?
pankaj
नवम्बर 11th, 2005 at 9:51 am
4मालिक मिर्ची लाल रंग की है इस लिए गर्म मिजाज होता है। पर कहते हैं कि आदमी को ठंडे दिमाग से सोचना चाहिए इसलिए सोच हरी रखी है
वैसे सही बताऊं इस बात की और ध्यान भी न गया था आप ने ध्यान दिलाया तो बाते बना रहा हूँ। पंकज
eswami
नवम्बर 11th, 2005 at 11:33 am
5बहुत बढिया! सादगी मे भी कयामत की अदा होती है - वही बात है इस चिट्ठे में!!
Hindi Blogger
नवम्बर 11th, 2005 at 12:01 pm
6बधाई स्वीकार करें!
अनूप शुक्ला
नवम्बर 11th, 2005 at 6:11 pm
7हमारी बधाई भी ‘एडजस्ट’कर लो सेठजी।
राजेश कुमार सिंह
नवम्बर 11th, 2005 at 10:21 pm
8इन्डोनेशीयाई भाषा अगर प्रयोग करेंगे, तो कहेंगे, “सलामत बारू रूमा” यानी, “नया घर मुबारक हो!”
रंग-रोगन बढ़िया दिख रहा है !
-राजेश
(सुमात्रा)
पंकज नरुला
नवम्बर 11th, 2005 at 11:52 pm
9बधाईयों के लिए सभी का शुक्रिया। शुक्ला जी चिंता न करें म्हारे सभी बही खातेयां पर एक बता जरुर होवे है - भूल चूक लेनी देनी।
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