भई, हम तो जीतू भैया के भक्त हैं. अगर उन्हें सर्वज्ञ वाली तस्वीर आपकी दिखती है तो आपकी ही होगी. वैसे राजेश भाई सा’ब की दृष्टि में भी कुछ बात है.
:शशि सिंह
मिर्ची सेठ, पंकज नरुला का निजी ब्लॉग है। अम्बाला में जन्म हुआ व शिक्षा चंडीगढ़ से प्राप्त की। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज से इलेक्ट्रीकल इंजीनियरिग करने के बाद कुछ समय दिल्ली में काम किया। आजकल सैन होज़े में एक एस ए पी कंस्लटिंग कम्पनी में काम करता हूँ।
3 Responses
आशीष
सितम्बर 23rd, 2005 at 5:14 am
1चाणक्य ने चश्मा नही लगाया है.
आशीष
राजेश कुमार सिंह
सितम्बर 23rd, 2005 at 5:18 am
2प्रियवर,
बोले , तो जोड़ी बिलकुल चन्द्रगुप्त और चाणक्य की लग रही है !
-राजेश
शशि सिंह
सितम्बर 28th, 2005 at 11:21 pm
3भई, हम तो जीतू भैया के भक्त हैं. अगर उन्हें सर्वज्ञ वाली तस्वीर आपकी दिखती है तो आपकी ही होगी. वैसे राजेश भाई सा’ब की दृष्टि में भी कुछ बात है.
:शशि सिंह
RSS feed for comments on this post · ट्रैकबैक URI
Leave a reply
श्रेणियाँ
प्रविष्टियाँ
अन्य हिन्दी चिट्ठे
कड़ियाँ
स्वागतम्
टिप्पणियाँ
Meta