आज घूमते घूमते विष्णूलोकम् पहुँच गए। वहीं मधुशाला कि इन सुंदर पंक्तियों को वाचन किया तो सोचा सहेज लेते हैं
धर्मग्रन्थ सब जला चुकी है, जिसके अंतर की ज्वाला, मंदिर, मसजिद, गिरिजे, सब को तोड़ चुका जो मतवाला, पंडित, मोमिन, पादिरयों के फंदों को जो काट चुका,कर सकती है आज उसी का स्वागत मेरी […]

अकिस्मत

तो जनाब पता चल ही गया कि वर्डप्रैस के रचियता मैट बाबू सीनेट से त्यागपत्र देने के बात क्या करने वाले हैं। आज ही पता चला कि उन्होंने अकिस्मत नामक एक प्लगइन घोषित किया है जो कि ब्लॉग-स्पैम रोकने में सहायक होगा।  इसे  अपने  अंग्रेजी ब्लॉग  बीटा  थॉट्स पर  डाल दिया है । देखतें हैं […]

किसी जमाने में बड़े दीदी सरिता मंगाया करते थे और मैं भी बड़े चाव से पढ़ा करता था। उस समय इस पत्रिका का स्तंभ हुआ करता था - सरिता मुझे शिकायत है। शीर्षक से पता चलता है कि पाठक अपने आस पास की जिन चीजों से शिकायत करते हैं को इस स्तंभ के लिए भेजा […]

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