मैं ब्लॉग एग्रीगेटर के रुप में ब्लॉगलाइन्स का उपयोग करता हूँ। कारण बड़े सीधे से हैं एक तो यह कि कभी भी कहीँ भी अपने प्रिय चिट्ठों के लेखकों के मन की पढ़ सकता हूँ, दूसरा यह कि सुबह सुबह मेरे कम्पयूटर से एक साथ हजारों चिट्ठों को खींचने के लिए रिक्वेस्टस नहीं जाती। ब्लॉगलाइन्स […]
वैसे तो अनुनाद जी आयोजित अनुगूँज १२ का प्रसाद बंट चुका है पर अपुन भी अपनी खिचड़ी पका के ही मानेगें। आज मन में जो विचार आए पेल दिए। तो लीजिए हाजिर हैं दस विचार
१. अवगुण नाव के पेंदे में हुए छेद के समान है जो अंततः नाव की तरह आदमी को डुबो ही देता […]