सज्जनों आखिर मूवेबल टाईप के अनुवाद का पहला ड्राफ्ट तैयार हो ही गया । यहाँ से लीजिए । यदि आप इसकी समीक्षा कर अपनें विचार एवं टिप्पणी कर सकें आपकी अति कृपा होगी। कृप्या ध्यान रखें यह utf-8 में कूटबंधित है।
साधुवाद! मेरा मानना है कि पारिभाषिक शब्दों को जस का तस लिखना चाहिए, हर शब्द का हिन्दीकरण उचित नहीं, जैसे कि यह शब्द हिन्दी में प्रामाणिक नहीं हैं और अपना अर्थ खो बैठैंगे
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देबाशीष | Email | Homepage | 03.19.04 – 12:23 am | #
[...] मैंने भी सभी हिन्दी चिट्ठाकारों की तरह ब्लॉगर पर चिट्ठा लिखना शुरु किया था। आलोक, देबू, संजय व्यास इत्यादि ने उंगली पकड़कर चलना सिखाया था। उसके बाद लगा कि अपना ब्लॉग होना चाहिए और मूवेबल टाइप का प्रयोग आरंभ किया। उसका हिन्दी संस्करण उपलब्घ नहीं था तो उसे ही हिन्दी में अनुवादित करने का बीड़ा उठाया। मन बहुत आनंदित हुआ था जब उसका अनुवाद पूरा हुआ था। फिर वर्डप्रैस आया व सभी भाईलोगों खासकर देबू, जीतू, रमण कौल व आलोक ने साथ बंटाया। [...]
2 Responses
पंकज नरूला
March 28th, 2004 at 7:21 pm
1साधुवाद! मेरा मानना है कि पारिभाषिक शब्दों को जस का तस लिखना चाहिए, हर शब्द का हिन्दीकरण उचित नहीं, जैसे कि यह शब्द हिन्दी में प्रामाणिक नहीं हैं और अपना अर्थ खो बैठैंगे
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अक्षरग्राम » Blog Archive » निपुण - ब्लॉगजगत में हिन्दी स्थानीयकरण का हिस्सा बनिए
March 20th, 2006 at 10:20 pm
2[...] मैंने भी सभी हिन्दी चिट्ठाकारों की तरह ब्लॉगर पर चिट्ठा लिखना शुरु किया था। आलोक, देबू, संजय व्यास इत्यादि ने उंगली पकड़कर चलना सिखाया था। उसके बाद लगा कि अपना ब्लॉग होना चाहिए और मूवेबल टाइप का प्रयोग आरंभ किया। उसका हिन्दी संस्करण उपलब्घ नहीं था तो उसे ही हिन्दी में अनुवादित करने का बीड़ा उठाया। मन बहुत आनंदित हुआ था जब उसका अनुवाद पूरा हुआ था। फिर वर्डप्रैस आया व सभी भाईलोगों खासकर देबू, जीतू, रमण कौल व आलोक ने साथ बंटाया। [...]
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